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    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कैसे संवारें अपना भविष्य, जानें कॅरियर की संभावनाएं
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    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कैसे संवारें अपना भविष्य, जानें कॅरियर की संभावनाएं

    Alok MishraUpdated on 06 Jun 2025, 04:40 PM IST

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कॅरियर की संभावनाएं - हमारा देश भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसका आशय यह है कि देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। एग्रीकल्चर फील्ड (कृषि क्षेत्र) को आज के दौर में रोजगार का एक बहुत बड़ा स्रोत माना जा रहा है, खासकर उन युवाओं के लिए जो एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (Agriculture Engineering) जैसी स्ट्रीम्स से पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले कई दशकों से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के फील्ड में युवाओं ने गहन अध्ययन, शोध व प्रयोग करके कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने का प्रयास किया है, और इससे नई-नई टेक्नोलॉजीज का प्रसार भी हुआ है। ऐसे में यदि आप कृषि क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं तो आपको इंजीनियरिंग कोर्स के बाद नौकरियों के अच्छे विकल्प प्राप्त हो सकते हैं। एग्रीकल्चर फील्ड में डिप्लोमा या बीटेक के बाद जॉब ज्वाइन कर सकते हैं इसके अलावा पोस्टग्रेजुएशन डिग्री यानि एमटेक करके भी आप इस फील्ड में विशेषज्ञ बन सकते हैं।

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कैसे संवारें अपना भविष्य, जानें कॅरियर की संभावनाएं
    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (Agriculture Engineering in Hindi)

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (कृषि अभियांत्रिकी) क्या है?

    एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है जो कृषि उपकरणों और कृषि क्षेत्र में काम आने वाली मशीनरी के निर्माण, डिजाइन और सुधार से संबंधित है। एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में दक्ष छात्र नए और परिष्कृत कृषि उपकरण डिजाइन करते हैं जो अधिक कुशलता से काम करते हैं। कृषि इंजीनियरों की प्रमुख भूमिका बेहतर इंजीनियरिंग विधियों, आविष्कारों, प्रौद्योगिकी और उपकरणों के माध्यम से कृषि उत्पादन में सुधार करना है, जिससे बेहतर फसल उत्पादन और खेती में बेहतर मुनाफा प्राप्त हो सके। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक कृषि पद्धतियों को समाहित करने के लिए जुनून रखने वाले उम्मीदवारों को यह स्ट्रीम निश्चित रूप से चुननी चाहिए। आने वाले वर्षों में, कृषि इंजीनियरों की मांग में काफी वृद्धि होने की संभावना है।

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड

    कृषि इंजीनियरिंग में बी.टेक कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक आवश्यकता 10+ 2 में विज्ञान स्ट्रीम के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना अनिवार्य है। ये 4 साल का ग्रेजुएट कोर्स होता है। इसके बाद पोस्टग्रेजुएशन कोर्स यानि एमटेक या एमई किया जा सकता है जोकि 2 साल का कोर्स होता है। एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कॅरियर बनाने के लिए 10वीं और 12वीं के बाद पॉलीटेक्निक डिप्लोमा भी किया जा सकता है। ये 3 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है।

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स में कैसे लें एडमिशन?

    साइंस स्ट्रीम से 10+2 पूरा करने के बाद, उम्मीदवार विभिन्न एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (Agriculture Engineering) परीक्षाओं में उपस्थित हो सकते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख परीक्षाओं की सूची नीचे दी गई है।

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाले एंट्रेंस एग्जाम

    परीक्षा का नाम

    यूजी/पीजी स्तर

    इंडियन काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम

    बी टेक और एम टेक

    IIT-JAM (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-संयुक्त प्रवेश परीक्षा)

    बी टेक और एम टेक

    ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

    बी टेक

    इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बीएचयू एंट्रेंस एग्जाम

    बी टेक

    इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम

    बी टेक

    नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कंबाइंड प्री-एंट्रेंस टेस्ट

    बी टेक

    गुजरात कॉमन एंट्रेंस टेस्ट

    बी टेक

    केरल इंजीनियरिंग एग्रीकल्चरल मेडिकल (KEAM)

    बी टेक

    महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (MHCET)

    बी टेक

    ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट)

    एम टेक

    नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंट्रेंस एग्जाम

    बी टेक और एम टेक

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    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स फीस

    कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों की रुचि कोर्स की फीस के बारे में जानकारी चाहते हैं। नीचे दी गई तालिका से एग्रिकल्चर इंजीनियरिंग से संबंधित डिप्लोमा, यूजी, पीजी और डॉक्टोरल प्रोग्रामों की फीस की जानकारी पा सकते हैं।

    एग्रीकल्चर इंजिनियरिंग कोर्स की फीस


    न्यूनतम फीस

    अधिकतम फीस

    न्यूनतम फीस

    अधिकतम फीस


    निजी

    सरकारी

    निजी

    सरकारी

    यूजी

    1.00 लाख

    36.05 हजार

    12.40 लाख

    10.58 लाख

    पीजी

    60.00 हजार

    24.02 हजार

    12.50 लाख

    4.44 लाख

    डॉक्टोरल

    2.45 लाख

    45.75 हजार

    2.45 लाख

    1.84 लाख

    डिप्लोमा

    65.10 हजार

    4.05 हजार

    1.55 लाख

    33.30 हजार

    एग्रीकल्चर इंजीनियर्स के लिए कॅरियर के विकल्प

    कृषि इंजीनियरों के लिए सरकारी संगठनों में कई रिक्तियां काफी अधिक रहती हैं। वर्तमान समय में तो प्राइवेट सेक्टर भी एग्रीकल्चर में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए बड़ी संख्या में एग्रीकल्चर इंजीनियरों को जॉब दे रहे हैं। एग्रीकल्चर फील्ड में B.Tech और M.Tech किये हुए छात्र राज्य सरकार, खाद्य और प्रसंस्करण विभाग, अनुसंधान विभाग और कई अन्य क्षेत्रों में कृषि विकास के लिए निकली रिक्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। भारत में कृषि इंजीनियरों के लिए शीर्ष जॉब प्रदाताओं में इफको या 'इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड' (IFFCO), नेस्ले इंडिया लिमिटेड, अमूल डेयरी, SRIJAN, एस्कॉर्ट्स, श्रीराम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स आदि जैसी संस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा कृषि इंजीनियर्स टीचिंग फील्ड में जा सकते हैं।

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कॅरियर की संभावनाएं - जॉब प्रोफाइल और टॉप रिक्रूटर्स

    नीचे दिए गए कुछ जॉब प्रोफाइल दिए गए हैं जिन्हें कृषि इंजीनियर आमतौर पर कृषि इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद अपनाते हैं। इन प्रोफाइल्स में एग्रीकल्चर इंजीनियर्स (Agriculture Engineering) को किन स्किल्स की जरूरत होती है इसके बारे में नीचे टेबल में जानकारी दी गयी है:

    जॉब टाइटल

    मुख्य कार्य क्षेत्र

    सर्वे रिसर्च एग्रीकल्चरल इंजीनियर

    वे कृषि उत्पादन के तरीकों के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करने और भूमि जल निकासी, रिक्लेमेशन और सिंचाई की निर्माण परियोजनाओं की निगरानी करने आदि का कार्य करते हैं।

    एग्रीकल्चरल इंजीनियर

    कृषि इंजीनियर कंप्यूटर एडेड डिजाइन (सीएडी) तकनीक का उपयोग कर कृषि यंत्रों और उपकरणों को डिजाइन करते हैं। वे यह सुनिश्चित करने के लिए कृषि मशीनरी और उपकरणों का परीक्षण भी करते हैं कि वे ठीक से प्रदर्शन कर रहे हैं अथवा नहीं।

    एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर

    कई बैंकों के प्राइमरी लेंडिंग क्षेत्र के मानदंडों को बनाए रखने की गाइडलाइन्स के साथ एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक के बेहतर स्टेटस को मेंटेन करने का कार्य करते हैं।

    सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट

    एक विषय में विशिष्ट ज्ञान, महान विश्लेषणात्मक कौशल, प्रत्येक अवधारणा की जांच करने की क्षमता

    खाद्य और पेय पर्यवेक्षक

    उनके कार्यों में आम तौर पर साक्षात्कार, भर्ती, प्रशिक्षण, शेड्यूलिंग और कर्मचारियों के प्रबंधन के साथ-साथ भोजन और पेय, आपूर्ति और अन्य रेस्तरां उपकरणों की निगरानी शामिल है।

    एग्रोनॉमिस्ट

    एक कृषिविज्ञानी भोजन, ईंधन, खाद्य और फाइबर से संबंधित पौधों के उपयोग के विज्ञान पर कार्य करता है। ये फसल रोटेशन, सिंचाई और जल निकासी, प्लांट ब्रीडिंग, मिट्टी विज्ञान, खरपतवार नियंत्रण और रोग और कीट नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं।

    मृदा वैज्ञानिक

    कई एग्रीकल्चर इंजीनियर मिट्टी की गुणवत्ता का निर्धारण करने और इसकी जाँच करने का कार्य भी करते हैं।


    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कॅरियर की संभावनाएं - कृषि इंजीनियरों के लिए टॉप रिक्रूटर्स

    कई कंपनियां एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (Agriculture Engineering) ग्रेजुएट्स को जॉब पाने का अवसर देती हैं। कुछ शीर्ष स्तर की संस्थाएं निम्नलिखित हैं:

    • डेयरी कम्पनीज (जैसे मदर डेयरी, अमूल)

    • नेस्ले इंडिया

    • आईटीसी

    • नाबार्ड

    • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

    • पीआरएडीएएन

    • भारतीय खाद्य निगम

    • वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद

    • राष्ट्रीय बीज निगम

    • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड

    • विभिन्न कॉलेज

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के बाद वेतन

    Agriculture Engineering पूरा करने के बाद एक छात्र को कमाई के अच्छे अवसर मिलते हैं। उनकी शुरुआती आय 4 लाख से 5 लाख तक प्रतिवर्ष हो सकती है। जोकि अनुभव के साथ-साथ बढ़ती रहती है। 4 से 6 साल के अनुभव के बाद एग्रीकल्चर इंजीनियर को 6 लाख-10 लाख रुपए प्रति वर्ष तक का सालाना पैकेज आसानी से मिल सकता है।

    Frequently Asked Questions (FAQs)

    Q: एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग फील्ड में करियर कैसे बनाएं?
    A:

    कृषि इंजीनियरिंग में बी.टेक कोर्स में एडमिशन प्राप्त करके आप एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग फील्ड में अपना कॅरियर बना सकते हैं।

    Q: एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज कौन से हैं?
    A:

    NIT, IIT जैसे अन्य बहुत से कॉलेज हैं जो एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बी.टेक के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। विस्तृत जानकारी उपरोक्त लेख में उपलब्ध है। 

    Q: एग्रीकल्चर इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है?
    A:

    एग्रीकल्चर इंजीनियर की सैलरी शुरुआत में 4 लाख से 5 लाख तक प्रतिवर्ष हो सकती है जो कि अनुभव के साथ बढ़कर 10 लाख तक हो सकती है। 

    Q: एग्रीकल्चर में कौन कौन सी जॉब होती है?
    A:

    एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग करने के बाद आपको डेयरी कम्पनीज (जैसे मदर डेयरी, अमूल), नेस्ले इंडिया, आईटीसी, नाबार्ड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पीआरएडीएएन, भारतीय खाद्य निगम जैसे कंपनियों मेड काम करने का अवसर मिलेगा। 

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    CIPET JEE Application Date

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    Ongoing Dates
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