आईआईटी जेईई की तैयारी (iit jee preparation in hindi) करना उम्मीदवारों के लिए एक कठिन काम हो सकता है, लेकिन पिछले वर्ष के टॉपर्स से मार्गदर्शन प्राप्त करना उम्मीदवारों को एक मूल्यवान अंतर्दृष्टि और प्रेरणा प्रदान कर सकता है। उनकी सफलता की कहानियां आईआईटी जेईई 2025 परीक्षा का प्रयास करके उम्मीदवारों को प्रेरित रहने और अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने में मदद कर सकती हैं। जेईई मेन परीक्षा (JEE main exam in hindi) में लाखो छात्र भाग लेंगे। उम्मीदवारों के लिए प्रतिष्ठित एनआईटी, आईआईआईटी और सीएफटीआई में सीट सुरक्षित करना निस्संदेह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। हालांकि, जेईई मेन टॉपर्स की सफलता से पता चलता है कि सही दृष्टिकोण और मानसिकता के साथ परीक्षा को क्रैक करना संभव है।
कई छात्र अक्सर उचित मार्गदर्शन और तैयारी की कमी के कारण जेईई मेन परीक्षा को क्रैक करने का अपना सपना छोड़ देते हैं, लेकिन उम्मीदवार जेईई 2025 मॉक टेस्ट देकर अपनी उम्मीद को पुनः जीवित कर सकते हैं। हालांकि, टॉपर्स के द्वारा आईआईटी जेईई तैयारी टिप्स (iit jee preparation tips by toppers in hindi) और रणनीतियों का पालन करने से उम्मीदवारों के लिए यह यात्रा आसान हो सकती है।
इस लेख में, हम टॉपर्स के द्वारा आईआईटी जेईई तैयारी टिप्स (iit jee preparation tips by toppers in hindi) प्रदान करेंगे, जो उम्मीदवारों को परीक्षा को प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीकों और रणनीतियों को समझने में मदद करेंगे।
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आईआईटी की तैयारी करने वाले प्रत्येक छात्र के मन में यह शंका या कहें तो दुविधा बनी रहती है कि आईआईटी की तैयारी कैसे करें (iit ki taiyari kaise karen)। ऐसे तमाम छात्र टॉपर्स के द्वारा आईआईटी जेईई तैयारी टिप्स (iit jee preparation tips by toppers in hindi) और ट्रिक्स को यहाँ देख सकते हैं।
आईआईटी की तैयारी कैसे करें (iit ki preparation kaise kare) जैसे सवाल को लेकर चिंता कर रहे उम्मीदवारों को बता दें कि जेईई मेन में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न कॉन्सेप्ट-आधारित होते हैं जो विषय वस्तु पर उम्मीदवार की पकड़ का परीक्षण करने के लिए तैयार किए जाते हैं। फिर कई प्रश्न ऐसे भी होते हैं जो कई कांसेप्ट पर आधारित होते हैं, जिनको हल करना और अधिक कठिन होता है। यदि बुनियादी सिद्धांतों पर पकड़ मजबूत है और आपने उसके कॉन्सेप्ट को ठीक से समझ लिया है, तो ऐसे सभी प्रश्नों को हल करना बहुत आसान हो जाएगा।
जेईई मेन्स के लिए आपकी तैयारी की रणनीति क्या हो? इस सवाल के जवाब में जेईई मेन 2024 की महिला टॉपर सान्वी जैन कहती हैं कि मैंने कुछ अलग नहीं किया। मैंने सिर्फ कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर ध्यान दिया। मैंने जेईई मेन मॉक टेस्ट का अभ्यास करने के बाद उसका एनालिसिस किया।
जेईई मेन 2018 में एआईआर 1 हासिल करने वाले भोगी सूरज कृष्ण ने अपनी तैयारी में इस तथ्य को बहुत पहले ही समझ लिया था। इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं थी कि उन्होंने कांसेप्ट की अपनी बुनियादी समझ में सुधार करने की योजना पर जी-जान लगाकर काम करना शुरू कर दिया, जिसका अंततः उन्हें बहुत लाभ मिला!
वहीं जेईई के द्वितीय टॉपर हेमंत कुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि उम्मीदवारों को कांसेप्ट की उचित समझ होनी चाहिए, और उन्हें इससे भागने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हेमंत कुमार की राय है कि यदि कोई उम्मीदवार किसी कांसेप्ट में अटक जाता है तो उम्मीदवार को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें महारत हासिल करने के लिए नए सिरे से दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास करना चाहिए।
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ऐसे उम्मीदवार जो यह जानना छह रहे हैं कि आईआईटी टॉपर कैसे बनें (how to become iit topper) उन्होंने शायद यह मुहावरा सुना हो कि प्रसिद्धि पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता है, लेकिन फिर भी हममें से कुछ लोग चमत्कार होने की आस नहीं छोड़ते हैं। लेकिन बात जब चमत्कार के बल पर सफलता पाने की हो वह भी जेईई मेन जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में तो निश्चित तौर पर ऐसे चमत्कारों की यहां हवा निकल जाती है। यदि कड़ी मेहनत करने के बजाय आगे बढ़ने के लिए किसी अलौकिक शक्ति पर भरोसा करेंगे, तो आपको निराशा होने वाली है। इसी तरह के विचार को प्रतिध्वनित करते हुए कौशल रेड्डी (जेईई मेन जनवरी 2020 में 100 परसेंटाइल) ने कहा कि कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगन ने उन्हें अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद की।
जेईई मेन टॉपर्स के बीच एक सामान्य विशेषता यह है कि वे परीक्षा के लिए तैयारी जल्दी शुरू कर देते हैं। भोगी सूरज और हेमंत कुमार ने वास्तव में अपनी तैयारी क्रमशः नौवीं और आठवीं कक्षा से शुरू कर दी थी। जल्दी शुरू करने का एक फायदा यह है कि आपके पास प्रत्येक टॉपिक को व्यापक रूप से तैयार करने के लिए पर्याप्त समय होगा। इसके अलावा यदि आप हेमंत या भोगी सूरज की तरह जल्दी शुरुआत करते हैं, तो आपकी नींव बहुत मजबूत होने की संभावना है और इसके परिणामस्वरूप कांसेप्ट का अर्थ समझने की कोशिश में कीमती समय व्यतीत नहीं करना होगा। नतीजतन, समय का एक बड़ा भाग विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के अभ्यास के लिए समर्पित किया जा सकता है। जेईई मेन जनवरी 2020 के टॉपर पार्थ द्विवेदी (100 पर्सेंटाइल) ने भी 11 वीं कक्षा से अपनी तैयारी शुरू की थी, जिससे परीक्षा में उन्हें सफलता मिली।
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भोगी सूरज की भी राय है कि हाथ में लिए गए काम के प्रति जुनून होना चाहिए, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि तैयारी के दौरान किसी भी समय ऊब नहीं आएगी। बोरियत से सुरक्षित दूरी होना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह अक्सर बेचैनी पैदा कर सकती है और आपको लक्ष्य से दूर कर सकती है। हालांकि जुनूनी होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अति करनी है, आपको वर्तमान में रहना है, तय घंटों तक दिन में अध्ययन करना है और हर समय खुश रहते हुए प्रगति का निरीक्षण भी करना होगा। आप अपनी क्षमताओं के अनुसार सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं यह बात आपको आंतरिक खुशी देगी और आप इसे महसूस भी करेंगे।
जेईई एडवांस 2024 टॉपर वेद लाहोटी से कॅरियर्स360 ने पूछा कि आपने जेईई की तैयारी के लिए अपनी स्टडी रूटीन को कैसे मैनेज किया? वेद लाहोटी ने बताया मैंने एक अनुशासित अध्ययन दिनचर्या का पालन किया। दैनिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि कोई बैकलॉग जमा न हो। मैं तब तक पढ़ाई करता था जब तक मेरा लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता।
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इन दिनों, जेईई मेन मॉक टेस्ट परीक्षा की तैयारी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है और आम तौर पर इसे अंतिम रूप देने के लिए परीक्षा नजदीक आने पर मॉक टेस्ट दिया जाता है। वास्तविक परीक्षा का अनुकरण करने वाले मॉक टेस्ट देने के कई फायदे हैं। उदाहरण के लिए इन परीक्षाओं के माध्यम से उम्मीदवार कंप्यूटर-आधारित परीक्षा की प्रक्रिया और पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार, अंकन योजना आदि से परिचित हो जाएंगे। ये विवरण वास्तव में उपयोगी हो सकते हैं, खासकर यह देखते हुए कि उम्मीदवारों के बीच रिजल्ट में अंकों का अंतर कितना कम होता है – ऐसे में आप उस एक अतिरिक्त अंक को प्राप्त कर सकते हैं, और इससे आपकी रैंक आसमान छू सकती है, इसी तरह यदि आपको 1 अंक कम मिलता है, तो आपकी रैंक काफी नीचे चली जाती है। एनटीए अधिकारियों के द्वारा अभ्यास केंद्रों पर जेईई मेन मॉक टेस्ट के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाती है और यह ऑनलाइन मोड में भी उपलब्ध होती है। जेईई मेन 2020 (जनवरी सत्र) में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले रोंगाला अरुण सिद्धार्थ मॉक टेस्ट और सैंपल पेपर के महत्व से सहमत हैं। वे कहते हैं - "मैं हर दिन पिछले वर्ष का एक पेपर हल करता था। इससे मुझे जेईई मेन के कठिनाई स्तर का अंदाजा लगाने, प्रश्न कैसे तैयार किए जाते हैं और पेपर में गणना की भूमिका आदि को जानने में मदद मिली।"
परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले जेईई मेन 2020 टॉपर थडावर्ती विष्णु ने भी कहा कि "मॉक टेस्ट तैयारी के स्तर का विश्लेषण करने में मदद करते हैं और काफी महत्वपूर्ण होते हैं।"
जेईई मेन 2018 में एआईआर -6 लाने वाले पवन गोयल ने कहा कि मॉक टेस्ट देना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वास्तविक परीक्षा कैसी होगी, इसका सही अनुमान लग जाता है। उन्होंने उम्मीदवारों को पिछले दस वर्षों के जेईई मेन प्रश्न पत्रों को हल करने का भी सुझाव दिया।
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परीक्षा की तिथि जितनी करीब आती जाती है, चिंता का स्तर भी उतना ही अधिक होता जाता है। अनिद्रा और बेचैनी जैसी बीमारियाँ भी इस मुश्किल समय में परेशानी का कारण बनती हैं और पीड़ित ज्यादातर वे उम्मीदवार होते हैं जो अपना अधिकांश समय वर्तमान की तुलना में बहुत आगे देखने में बिताते हैं और ऐसा करके वे खुद पर बहुत अधिक दबाव डाल लेते हैं। ऐसी समस्या का समाधान यह है कि आप एक बार में एक छोटा कदम ही बढ़ाएँ, और अपने लक्ष्य की ओर धीरे-धीरे बढ़ें। इस तरह आप अधिकांश टॉपिक को पूरा करते जाएंगे और आपको पता भी नहीं लगेगा कि कब आपने ऐसा कर लिया। अपनी तैयारी के बीच आप तनाव कम करने के लिए संगीत सुन सकते हैं, क्रिकेट खेल सकते हैं या बैडमिंटन खेल सकते हैं या फिर अपना मनपसंदीदा वो काम कर सकते हैं जिससे आपके दिमाग को आराम मिलता है। जेईई मेन 2017 में 360/360 का स्कोर करने वाले कल्पित वीरवाल ने यही मंत्र अपनाया।
जेईई मेन 2024 टॉपर नीलकृष्ण से जब पूछा गया कि आपके अनुसार जेईई मेन में आपकी शानदार सफलता के पीछे प्रमुख कारक क्या हैं? नीलकृष्ण ने कहा मेरा मानना है कि 2 साल की निरंतर कड़ी मेहनत और निरंतरता के साथ अपने शेड्यूल का पालन करने से जेईई मेन परीक्षा में मेरी सफलता में योगदान मिला है। जेईई मेन 2018 में AIR 4 लाने वाले प्रणव गोयल वास्तव में खुद को तरोताजा और प्रेरित रखने के लिए जब चिंता होती तो उपन्यास पढ़ना पसंद करते थे।
यदि आप ऊपर सूचीबद्ध टॉपर्स द्वारा बताए गए जेईई मेन की तैयारी के सुझावों का पालन करते हैं तो आप परीक्षा में अच्छे अंक और रैंक प्राप्त करने के लिए बहुत अच्छी स्थिति में होंगे। शुभकामनाएँ!
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ऐसे उम्मीदवार जो इंटरनेट पर आईआईटी जेईई तैयारी (iit jee preparation in hindi) के टिप्स ढूंढते रहते हैं या यह जानने को उत्सुक हैं कि आईआईटी टॉपर कैसे बनें (how to become iit topper), उन्हें बता दें कि बिना सही जेईई मेन की पुस्तकों का चयन किए आईआईटी जेईई तैयारी (iit jee preparation in hindi) से सफलता प्राप्त करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में उम्मीदवारों को आईआईटी टॉपर्स के द्वारा संदर्भित बुक्स (books recommended by iit toppers) से तैयारी करना चाहिए, जिससे उनकी सफलता की संभावनाओं को और भी बल मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हरियाणा के आरव भट्ट जेईई मेन जनवरी सत्र 2024 के टॉपर हैं। पिछले वर्षों के टॉपर की पूरी सूची यहां देख सकते हैं।
एनटीए जेईई मेन 2023 टॉपर सूची के अनुसार, एस. वेंकट कौंडिन्य को जेईई मेन्स 2023 में AIR 1 मिला। इसके अलावा, जेईई मेन्स 2023 में उच्चतम स्कोर 100 एनटीए स्कोर था।
आईआईटी टॉपर्स की पढ़ाई का तरीका अलग-अलग हो सकता है। यहाँ तक कि उनके पढ़ाई के घंटों व पढ़ाई की तकनीक में भी अंतर हो सकता है। इस लेख में जेईई मेन टॉपर्स के द्वारा दिए गए टिप्स को संकलित किया गया है जिससे उम्मीदवारों को टॉपर्स की पढ़ाई की तकनीक को समझने में मदद मिलेगी।
On Question asked by student community
Yes, if CBSE rules permit your case, you may be able to improve your Class 12 marks as a private candidate. However, students who have already passed Class 12 cannot always reappear for all subjects as private candidates; eligibility depends on the current CBSE improvement/private candidate rules. Check the latest
With this rank, some good options include:
1. CBIT (unlikely)
2. VNR VJIET (unlikely)
3. Gokaraju Rangaraju Institute of Engineering and Technology (possible in later rounds for some branches)
4. CMR Technical Campus
5. Malla Reddy Engineering Colleges
6. CVR College of Engineering (depending on category/branch)
7. Vardhaman College of
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Please refer to the link provided below:
https://engineering.careers360.com/hi/articles/jee-main-question-paper
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