जेईई मेन 2020 टॉपर इंटरव्यू (पार्थ द्विवेदी) (100 पर्सेंटाइल): पार्थ द्विवेदी उन 9 छात्रों में से एक हैं जिन्होंने जेईई मेन 2020 पेपर 1 में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किया। शुरुआत में वह अपना जेईई मेन रिजल्ट सुनकर चौंक गए थे, पार्थ ने गणित में 100 अंक, भौतिकी में 96 अंक और रसायन विज्ञान में 96 अंक हासिल किए हैं। सफलता पाने के लिए लगातार मेहनत करते हुए पार्थ ने आईआईटी जाने के अपने सपने की शुरुआत 11 वीं कक्षा से तैयारी शुरू करके की। उनके लिए, उनके पिता हमेशा से एक प्रेरणा रहे हैं। एलन इंस्टीट्यूट के एक छात्र पार्थ का मानना है कि उनके शिक्षकों ने सफलता प्राप्त करने में उनकी बहुत मदद की। अपने स्कोर से संतुष्ट, यह जेईई मेन टॉपर अब जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रहा है। कॅरियर्स360 ने सफलता पाने की पार्थ की यात्रा के बारे में गहराई से जानने के लिए उनसे विस्तृत तौर पर चर्चा की।
कॅरियर्स360: जेईई मेन 2020 में आपके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बहुत-बहुत बधाई! स्कोर जानने के बाद आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?
पार्थ: धन्यवाद!! मुझे सुबह करीब 10:30 बजे रिजल्ट का पता तब चला, जब मेरे सर ने मुझे फोन किया। मुझे यह भी पता नहीं था कि जेईई मेन 2020 रिजल्ट आ चुका है, मैं अत्यधिक अचरज की स्थिति में था। मैं हर किसी के साथ इस बात की पुष्टि कर रहा था कि क्या सच में रिजल्ट आ चुका है। मैंने स्वयं परिणाम चेक करने की कोशिश की लेकिन साइट क्रैश हो गई।
कॅरियर्स360: अपने बारे में कुछ बताइए। आपने किस बोर्ड के अंतर्गत पढ़ाई की है? आपने किस स्कूल से पढ़ाई की है?
पार्थ: 10 वीं कक्षा तक, मैंने अपनी स्कूली पढ़ाई हार्टमैन कॉलेज, बरेली, आईसीएसई बोर्ड से की थी। 10 वीं के बाद, मैंने सीबीएसई बोर्ड के साथ दिशा डेल्फी पब्लिक स्कूल, कोटा में पढ़ाई की थी।
कॅरियर्स360: जेईई मेन 2020 में आपका पर्सेंटाइल स्कोर क्या है? भौतिकी, गणित और रसायन विज्ञान में आपका स्कोर क्या है?
पार्थ: मैंने भौतिकी में 96 अंक, रसायन विज्ञान में 96 अंक और गणित में 100 अंक हासिल किए।
कॅरियर्स360: आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई क्यों करना चाहते हैं? आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला कब किया? आपकी रूचि किस ब्रांच में होगी? क्या इसके पीछे कोई ख़ास वजह?
पार्थ: मेरे पिता एक आईआईटियन हैं। वह हमेशा से मेरी प्रेरणा रहे हैं और मैं उनके रास्ते पर चलना चाहता हूं। मैंने अभी तक अपनी ब्रांच के बारे में फैसला नहीं किया है लेकिन मुझे लगता है कि मैं कंप्यूटर साइंस का विकल्प चुनूंगा।
कॅरियर्स360: आपने अपनी जेईई मेन की तैयारी कब से शुरू की? जेईई मेन के लिए अपनी तैयारी की रणनीति और दैनिक दिनचर्या के बारे में कुछ बताएं?
पार्थ: मैंने आईआईटी में प्रवेश के लिए 11 वीं कक्षा से ही लक्ष्य बनाना शुरू कर दिया था। तब से, मैंने तीन चीजों पर काम करना शुरू कर दिया था:
बोर्ड्स
जेईई मेन
जहाँ तक मेरी दिनचर्या की बात है, मैं 7 बजे उठता हूँ। उसके बाद, मैं दोपहर में 1 बजे तक अपनी क्लासेज जाता हूँ और फिर लगभग 4 बजे से मैं सेल्फ-स्टडी करता हूं। शांत दिमाग और शांत स्वभाव बनाए रखना मेरी रणनीतियां थीं। इसके अलावा, मैं पहले रसायन विज्ञान, फिर गणित और अंत में भौतिकी का प्रयास करना पसंद करता हूं।
कॅरियर्स360: क्या आपको पूरी तरह से कंप्यूटर-आधारित मोड में आयोजित की गई इस परीक्षा में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ा?
पार्थ: व्यक्तिगत रूप से, मुझे कंप्यूटर आधारित मोड बहुत आसान और ऑफलाइन पेपर मोड की तुलना में बेहतर लगा। ओएमआर शीट न भरने से हमारा काफी समय बच जाता है। मेरा मानना है कि यह एक अच्छी पहल है।
कॅरियर्स360: यह देखते हुए कि बोर्ड परीक्षाएं भी नजदीक आ रही हैं, क्या जेईई मेन के आखिरी के महीनों में आपकी तैयारी की रणनीति में कोई अंतर था? आपने दोनों की तैयारी कैसे मैनेज की?
पार्थ: मैंने एक निश्चित दिनचर्या का पालन किया। लेकिन परीक्षा से एक हफ्ते पहले, मैंने अपने दिमाग को शांत करने पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित किया। मैं बेहद सुकून में आ गया था।
कॅरियर्स360: क्या आपने जेईई मेन के लिए कोचिंग ली थी और अगर हाँ तो कहाँ से? आपके अनुसार कोचिंग के क्या लाभ हैं?
पार्थ: हां, मैं एलन इंस्टीट्यूट की कोचिंग क्लासेस में जाता था। मुझे लगता है कि कोचिंग सेंटर के शिक्षक परीक्षा को बेहतर तरीके से जानते हैं। उन्होंने मेरी बहुत मदद की।
कॅरियर्स360: मॉक टेस्ट और जेईई मेन सैंपल पेपर - आपने इनकी मदद से कितने बड़े पैमाने पर अभ्यास किया? क्या आपको लगता है कि पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों से अभ्यास करना मदद करता है और कैसे?
पार्थ: हां, मैंने परीक्षा से पहले कई मॉक टेस्ट हल किए थे। इन्होंने मेरी बहुत अधिक मदद की थी और मुझे समय प्रबंधन भी सिखाया।
कॅरियर्स360: क्या ऐसी कोई विशेष किताबें हैं जिनके बारे में आपको ऐसा लगता है कि इन्होंने आपकी बहुत मदद की है? क्या स्कूल की पाठ्यपुस्तकें जेईई मेन और बारहवीं कक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त हैं?
पार्थ: हां, मैंने एचसी वर्मा और आई. ई. इरोडोव से भौतिकी के सवालों को हल किया था। गणित और रसायन विज्ञान के लिए, मैंने एनसीईआरटी को प्राथमिकता दी थी। मेरा मानना है कि अगर किसी ने एनसीईआरटी को बेहतर ढंग से पढ़ा है, तो वह निश्चित तौर पर अच्छी रैंक हासिल कर सकता है।
कॅरियर्स360: क्या आपको जेईई मेन परीक्षा के दौरान किसी समस्या का सामना करना पड़ा?
पार्थ: हां, मुझे परीक्षा देने के दौरान छोटी-छोटी अड़चनों का सामना करना पड़ा जैसे कि कंप्यूटर थोड़े धीमे थे और माउस का एक स्क्रॉल काम नहीं कर रहा था।
कॅरियर्स360: जेईई मेन में कौन सा विषय सबसे आसान था और कौन सा सबसे कठिन था? आपको क्या लगता है कि जेईई मेन परीक्षा के दौरान किस चीज का प्रबंधन करना कठिन काम है?
पार्थ: मैंने पाया कि मैथ्स सबसे आसान सेक्शन था और फिजिक्स कठिन था। रसायन विज्ञान ज्यादा कठिन नहीं था। रसायन विज्ञान में कुछ प्रश्न थे जिन्हें मैं पहली कोशिश में हल नहीं कर पाया था। लेकिन कुल मिलाकर, सब कुछ आसानी से हो गया।
कॅरियर्स360: आपके अनुसार जेईई मेन में आपकी शानदार सफलता के पीछे प्रमुख फैक्टर्स कौन से हैं?
पार्थ: जेईई मेन की तैयारी की यात्रा बिल्कुल मैराथन की तरह थी। आपको हमेशा कड़ी मेहनत करते रहना होगा। आप इसे कुछ दिनों में तैयार नहीं कर सकते। लगातार परिश्रम करना और किसी भी विषय की उपेक्षा न करना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी भी विषय की उपेक्षा करने से निश्चित रूप से आत्मविश्वास की कमी होगी।
कॅरियर्स360: क्या आप जेईई मेन 2020 के अप्रैल सत्र के लिए भी उपस्थित होंगे?
पार्थ: नहीं, मैं जेईई मेन 2020 अप्रैल सत्र के लिए उपस्थित नहीं होऊंगा।
कॅरियर्स360: आप तैयारी के दौरान खुद को तनाव मुक्त कैसे करते थे? आपकी रुचियां क्या हैं? आपने कितनी बार उनको पूरा करने की कोशिश की?
पार्थ: खुद को डी-स्ट्रेस करने के लिए, मैं छोटे-छोटे ब्रेक लेता था। ब्रेक के दौरान, मैं गिटार बजाता था और टेबल टेनिस खेलता था।
कॅरियर्स360: जीवन में आपका आदर्श या सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत कौन है और क्यों?
पार्थ: मेरे माता-पिता मेरे लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं। मैं उनके जैसा बनना चाहता हूं।
कॅरियर्स360: आप देश भर के हजारों छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। क्या आपके पास जेईई मेन परीक्षा का सामना करने के लिए भविष्य के उम्मीदवारों के लिए कोई संदेश है?
पार्थ: मैं कहना चाहूंगा कि मैं कड़ी मेहनत करता रहूंगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सफल हुए हैं या नहीं। असफलताएँ आएंगी। आप असफलताओं से कैसे निपटते हैं, यही मायने रखता है। अधिकांश समस्याएं बाहरी नहीं हैं, लेकिन यह हमारा दिमाग ही है जो समस्याओं को उनकी तुलना में बहुत बड़ा बनाता है।
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