जेईई मेन 2026 की तैयारी में इन 10 गलतियों से बचें: 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद इंजीनियरिंग की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के दिमाग में सबसे पहले संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) आती है। जेईई मेन्स पहला कदम है जिसके बाद जेईई एडवांस्ड आता है। जेईई मेन और एडवांस्ड में तैयारी के दौरान कुछ ऐसी सामान्य गलतियां जिनपर उम्मीदवारों को पहले ही सबक लेना चाहिए। इन गलतियों के बारे में पहले से जानने से समय की बचत होगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। इस लेख में, उम्मीदवार आईआईटी जेईई मेन्स परीक्षा 2026 में 10 सामान्य गलतियों से बचने के टिप्स ले सकते हैं। जेईई मेन 2026 सत्र 1 परीक्षा 21 से 30 जनवरी, 2026 के बीच आयोजित की जाएगी तथा सत्र 2 परीक्षा 1 से 10 अप्रैल, 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।
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आंकड़े बताते हैं कि जेईई देने वाले लाखों परीक्षार्थियों में से कुछ हजार ही परीक्षा में सफल होते हैं। इसका कारण यह नहीं है कि जो क्वालिफाई नहीं कर पाए, उन्होंने तैयारी में उतना समय नहीं दिया जितना इसे क्रैक करने वालो ने दिया और न ही ऐसा है कि वे जेईई मेन परीक्षा को लेकर गंभीर नहीं थे, बल्कि परीक्षा के दौरान कुछ सामान्य सी गलतियां कर गए जिसके कारण उनकी रिजल्ट नहीं आ पाया।
जेईई मेन की तैयारी इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद मुख्य परीक्षा है। ये दोनों ही महत्वपूर्ण हैं और किसी में भी जल्दबाजी की कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए, नीचे जेईई मेन और एडवांस्ड की सामान्य गलतियां और उनसे निपटने के तरीके दिए गए हैं-
अध्ययन योजना का अभाव - जेईई मेन के लिए एक अध्ययन योजना तैयार करना इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए पहला और महत्वपूर्ण काम होना चाहिए। जो छात्र जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं, उन्हें अपने अध्ययन के घंटों और रणनीति को तदनुसार पुन: व्यवस्थित करने की आवश्यकता है ताकि वे एक ही बार में लक्ष्य हासिल कर सकें। यदि कोई सोचता है कि वह दीर्घकालिक दिनचर्या का पालन नहीं कर सकता है, तो वह इसे एक दिन में एक बार स्टेप बाई स्टेप कर सकते हैं और इस प्रकार साप्ताहिक योजनाएं बना कर अपने लक्ष्य पर फोकस कर सकते हैं। इससे उम्मीदवारों को समय सारणी पर काम करने में गड़बड़ी नहीं होगी।
आधिकारिक पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं - नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी) के साथ-साथ जेईई एडवांस्ड आयोजित करने वाले आईआईटीज अपने आधिकारिक वेबसाइट पर सिलेबस (पाठ्यक्रम) की घोषणा करते हैं जिसके अनुसार प्रश्न पत्र सेट किया जाता है। इसके अलावा, जेईई मेन 2026 परीक्षा पैटर्न और जेईई एडवांस परीक्षा पैटर्न भी सबसे महत्वपूर्ण हैं जिन्हें कई छात्र छोड़ देते हैं। उनका सारा ध्यान किताबों में डूब जाने पर रहता है जो कोई समझदारी भरा अभ्यास नहीं है।
अध्ययन से पहले अभ्यास में कमी - आईआईटी जेईई 2026 (IIT JEE 2026) में 10 सामान्य गलतियों में से एक गलती छात्रों द्वारा सीधे जेईई मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों से शुरू करना है। यह शुरुआती दो सीढ़ियों को छोड़कर तीसरी सीढ़ी की ओर कूदने जैसा है। इससे अप्रत्याशित गिरावट की संभावना बढ़ जाती है। परीक्षार्थियों को इससे बचना चाहिए। आईआईटी जेईई के अनुसार, उम्मीदवारों को पहले क्या करें और क्या न करें और इसके अवधारणाओं को जानना चाहिए और उसके बाद आत्म विश्लेषण करना चाहिए।
समर्पण की कमी - कई बार ऐसा होता है पढ़ाई करने वाला छात्र अपना समर्पण खो देता है और यह बहुत स्वाभाविक है। लेकिन, जब आपके सामने जेईई मेन हो, उससे भी महत्वपूर्ण जेईई एडवांस्ड क्रैक करना हो तो ऐसे मामले में, प्रेरणा या समर्पण बिल्कुल भी नहीं खोना चाहिए। ऐसे समय में जब दबाव जैसा लगे तो वे एक छोटा ब्रेक ले सकते हैं और रणनीति को बदलने के नए तरीकों के बारे में सोच सकते हैं ताकि वे अपनी एकाग्रता बढ़ा सकें और साथ ही जेईई मेन में बेहतर परिणाम ला सकें।
तनाव/चिंता - जेईई मेन परीक्षा 2026 की तैयारी करना और उसमें शामिल होना कोई त्वरित निर्णय नहीं होता है। यह प्रक्रिया लंबी और थका देने वाली है। यहां तक कि पूरी तरह से जेईई के लिए सपर्पित उम्मीदवार भी कई बार आईआईटी जेईई की बहुत सारी गलतियां करने के कारण तनावग्रस्त हो जाता है। ऐसे में जेईई मेन्स 2026 में सामान्य सी गलतियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप शांत रहें और ऐसे तरीके खोजें जो आपको तरोताजा रखें। इसके लिए आपको जो पसंद हो चाहे वह संगीत, खेल, मनोरंजन आदि हो उसके लिए भी थोड़ा समय निकालें। इससे मन में तनाव कम होगा और सक्रियता भी बढ़ेगी।
कम अभ्यास - ऐसे कई छात्र हैं जो सोचते हैं कि जेईई मेन और एडवांस की तैयारी के लिए सिर्फ किताबी कीड़ा बनना है। उन्हें पता होना चाहिए कि स्वयं का परीक्षण करना तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेईई मेन प्रश्न पत्रों का लगातार अभ्यास करने से उन्हें जेईई मेन 2026 में बचने के लिए सामान्य गलतियों को समझ कर उनसे बचने में मदद मिलेगी।
कुछ खास विषयों के पीछे भागना - परीक्षा की तैयारी करते समय जेईई मेन वेटेज जानना महत्वपूर्ण है। यहां, जेईई मेन और एडवांस्ड की सामान्य गलती का एक और उदाहरण है कि उम्मीदवार अक्सर पूछे जाने वाले मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। इस तरह, वे कभी-कभी विभिन्न छोटे विषयों को छोड़ देते हैं जिससे फाइनल में अधिक वेटेज मिलता है और अंत में पछताना पड़ता है। उम्मीदवारों को इस तरह की चूक नहीं करनी चाहिए बल्कि अपना ध्यान समझदारी से बांटना चाहिए।
निगेटिव मार्किंग को हल्के में लेना - प्रयास करते समय, जेईई मेन्स 2026 परीक्षा की सामान्य गलतियों से अवगत रहना बेहतर है ताकि उम्मीदवार निगेटिव मार्किंग के कारण अपने अंक न खोएं। यदि किसी उम्मीदवार को किसी भी उत्तर पर संदेह है, तो अन्य विकल्पों की संभावना देखें और विश्लेषण करें। यदि वे कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पाते हैं, तो बस उस भाग को छोड़ दें और दूसरे प्रश्न के साथ आगे बढ़ें। परीक्षा का प्रयास करते समय अपने निर्णय पर विश्वास रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रश्न को ठीक से समझे बिना हल करने की जल्दबाजी - आईआईटी जेईई 2026 में 10 सामान्य गलतियों में से एक और उदाहरण प्रश्नों को पढ़ने में बहुत जल्दबाजी है। जेईई मेन और एडवांस परीक्षा 2026 का प्रयास करते समय उम्मीदवारों को हर समय शांत रहना चाहिए और बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्हें पहले किसी प्रश्न का सार समझना चाहिए और उसके बाद ही प्रश्न को हल करने का प्रयास करना चाहिए ताकि आईआईटी जेईई पास करने के लिए गलतियों की कोई गुंजाइश न रह जाए।
एकाग्रता की कमी - जेईई मेन या जेईई एडवांस परीक्षा देते समय, पूरा ध्यान कंप्यूटर स्क्रीन और सामने आने वाले प्रश्नों पर होना चाहिए, चाहे आसपास कुछ भी हो रहा हो। परीक्षा से पहले तैयारी के दौरान भी ऐसा ही होना चाहिए। क्योंकि, एकाग्रता की कमी के कारण अक्सर जेईई मेन और एडवांस्ड में सामान्य गलतियां हो जाती हैं।
उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि ऊपर बताई गई सामान्य गलतियां निर्णायक नहीं हैं, बल्कि इसमें और भी बहुत कुछ जोड़ा जा सकता है। क्योंकि महीनों तक चलने वाली अध्ययन और परीक्षा प्रक्रिया को आईआईटी जेईई 2026 में बचने के लिए 10 सामान्य गलतियों में समेटा नहीं जा सकता है। हालांकि, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को उपर्युक्त सभी का ध्यान रखना चाहिए।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
हां, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाएगा।
जेईई मेन 2026 का एडमिट कार्ड परीक्षा तिथि से 3 दिन पहले जारी किया जाएगा।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले JEE Main 2026 परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
अभ्यास और विश्लेषण, जब तक आप जेईई के प्रश्नों का लगातार और लगन से अभ्यास नहीं करेंगे, तब तक आप जेईई की अंतिम परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। विषयों का पूरी तरह से अध्ययन करें। गणना में त्रुटियों की जांच करें। परीक्षा के अंत समय में खुद को तनाव मुक्त रखें।
मूर्खतापूर्ण गलतियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि प्रश्न को हल करने से पहले ठीक से पढ़ लिया जाए। प्रश्न को कम से कम दो बार ध्यान लगा कर पढ़ें। प्रश्न को पूरा समय दें। इसे शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का प्रयास करें।
जेईई सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, फिर भी हर वर्ष इस परीक्षा का प्रयास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ रही है। इसके पीछे का कारण बहुत ही सरल है IIT। अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तुलना में, यह ज्यादा कठिन नहीं है।
On Question asked by student community
Approx 1 lakh to 3 lakhs as you are from a general category
There are many NITs that accepts JEE Main rank below 35,000 in different branches including Civil Engineering, Chemical Engineering, and many more. These NITs are -
Yes, based on previous years' trends, some of the good colleges that offer BTech admissions with JEE Main rank between 65,000–80,000 include:
Arnav Gautam & P.Mohith secured 300 out of 300 in JEE Mains session 1, as per the provisional answer key. The list of toppers to be released with JEE Main results
JEE Main 2026 session 1 result is not declared yet. JEE Main session 1 result will be declared on February 12.
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